जापानी, रूसी, ग्रीक, अरबी, हिब्रू, कोरियाई, थाई और चीनी के लिए बनी असली मोर्स वर्णमालाएं, साथ ही मूल अमेरिकी रेलमार्ग प्रणाली।
अंतरराष्ट्रीय मोर्स कोड केवल लैटिन अक्षरों और अंकों को कवर करता है। गैर-लैटिन लिपियों वाली भाषाओं ने अपने अनुकूलन बनाए: जापानी काताकाना के लिए वाबुन, रूसी के लिए सिरिलिक तालिका, और ग्रीक, अरबी, हिब्रू, थाई तथा कोरियाई के लिए अलग वर्णमालाएं। 1850 के दशक में अमेरिकी रेलमार्गों द्वारा प्रयुक्त मूल 'अमेरिकी' मोर्स भी 1865 में अपनाए गए अंतरराष्ट्रीय मानक से स्पष्ट रूप से अलग दिखता है।